Monday, December 6, 2021

डॉ.मण्डलीक को मिला संस्कृत का 'विविध पुरस्कार'

संस्कृत-जगत् के मूर्धन्य विद्वान्,ज्योतिष रत्नाकर,निखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के अध्यक्ष,आदरणीय गुरुदेव डॉ.अभिषेक कुमार त्रिपाठी 'मण्डलीक' जी किसी परिचय के मोहताज नहीं। 

प्रयागराज की पावन धरा पर पिछले दो दशकों से आप संस्कृत की सेवा करते हुए विभिन्न प्रतियोगी छात्रों को अपने ज्ञान से अभिसिंचित कर रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप आपके पढ़ाये हुए छात्र देश-प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पदों पर प्रतिष्ठित हैं।

संस्कृत के प्रति आपकी निष्ठा और रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए "उत्तर प्रदेश संस्कृतसंस्थान, लखनऊ" की विद्वत्सभा ने आपको, आपकी मौलिक कृति "स्त्रीप्रत्ययप्रयोगविमर्श" के लिए विविध-पुरस्कार  के अन्तर्गत  एकादश सहस्र रुपये का पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया है। इस महती उपलब्धि हेतु आपको अनन्त बधाईयाँ।


ध्यातव्य है कि आप वर्तमान में सरस्वती परमानंद सिन्हा इंटर कॉलेज, सरस्वतीपुर, प्रयागराज में प्रधानाचार्य पद पर सुशोभित हैं।

आपकी अन्य पुस्तकें जैसे-समासप्रयोगसमुच्चय, चिन्तनसरणि तथा दूतवाक्यम् आदि भी प्रकशित हो कर संस्कृत प्रेमियों को लाभान्वित कर रही हैं।

                                 ✍️ अनुज पण्डित

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