लालू यादव ने अपने पोते का नाम 'इराज' रखा है। देखने सुनने में यह एक इस्लामिक शब्द प्रतीत होता है, खासकर उन लोगों को जिन्हें शब्दों का ठीक-ठाक ज्ञान नहीं है। दरअसल 'इरा' संस्कृत भाषा का शब्द है। वैय्याकरणों को विदित होगा कि 'इरा' शब्द स्त्रीलिंग है जिसका अर्थ सुरा(मदिरा),भूमि आदि है। व्युत्पत्ति के तौर पर देखें तो स्त्रीलिंग की विवक्षा में इ धातु में रन् तथा टाप् प्रत्यय जोड़ने से इरा शब्द निष्पन्न होता है। कहीं-कहीं पुल्लिंग की विवक्षा में भी इस शब्द का प्रयोग हुआ है।
इरा शब्द पर टिप्पणी से पूर्व इला पर टिप्पणी का पठन उपयोगी होगा। वैदिक निघण्टु में इरा का वर्गीकरण अन्न नामों के अन्तर्गत किया गया है। जैमिनीय ब्राह्मण २.४१२ तथा तैत्तिरीय संहिता ७.५.९.१ का कथन है कि यज्ञ विशेष में एक दिन के यज्ञ की समाप्ति इलान्त साम द्वारा करके ही प्रजापति ने प्रजा के लिए अन्नों में सर्वश्रेष्ठ अन्न इरा प्रदान किया। इसका तात्पर्य होगा कि अचेतन मन के स्तर पर इला रूपी आनन्द का विकास पूर्ण होने पर ही इरा का विकास आरम्भ होता है। इला शब्द में ल पृथिवी तत्त्व का, स्थिरता का सूचक है जबकि इरा में र अक्षर अग्नि का, गति का सूचक है। ऋग्वेद ५.८३.४ के अनुसार जब पृथिवी पर पर्जन्य वृष्टि होती है तो विश्व में इरा उत्पन्न हो जाती है(ओषधि-वनस्पतियों को भी इरा कहते हैं)। तैत्तिरीय संहिता २.६.७.२ से संकेत मिलता है कि यदि यज्ञीय इडा, इडा की पकी हुई अवस्था को प्राप्त करना है तो इरा को बृहद् रूप देकर उसे द्युलोक में स्थापित करना पडेगा। इसके पश्चात् इरा गौ बन कर पृथिवी पर, मन के स्तर पर इडा गौ पशु के रूप में अवतरित होगी जिसके पद-पद से घृत की सृष्टि होगी। इस प्रकार इडा और इरा का विकास एक दूसरे पर आश्रित है।
पुराणों में इरा को काश्यप की तथा पुलह की पत्नी कहा गया है। तैत्तिरीय ब्राह्मण ३.१२.९.५ में इरा को विश्वसृजों/देवताओं की पत्नी कहा गया है। बौधायन श्रौत सूत्र १७.१९.१ में विश्वसृज सत्र के वर्णन में इरा को तप नामक गृहपति की पत्नी कहा गया है।अन्यत्र इडा की तुलना दिति से और इन्द्राणी/शची की तुलना अदिति से की गई है(अथर्ववेद १५.६.२०)। अतः यह संभव है कि इरा की स्थिति दिति और अदिति के बीच की हो।
विभिन्न भाषाओं में इरा शब्द का प्रयोग विभिन्न अर्थों में हुआ है। वहाँ इस शब्द का प्रयोग सतर्क,समर्पित तथा शक्तिशाली आदि अर्थों में किया गया है। बाइबिल में इरा किंग डेविड का पुजारी है।
बहरहाल.. यह तो हुई इरा शब्द की बात। अब बात करते हैं-इराज शब्द की,तो इरा से उत्पन्न होने वाला 'इराज' कहलाता है। अब आप इसका अर्थ अपने अनुसार-भूमि से उत्पन्न, सुरा से उत्पन्न या शक्तिशाली से उत्पन्न लगा सकते हैं।
इस प्रकार लालू यादव को यह कहकर कि उन्होंने इस्लामिक नाम रखा, ट्रोल करना उचित नहीं। हाँ, बाकी मुद्दों पर तो ट्रोल होने के हकदार वे हैं ही! हम अपनी भाषा तथा ग्रन्थों के शब्द जानकारी के अभाव में अन्य सम्प्रदाय के पाले में न फेकें।
✍️ डॉ. अनुज पण्डित